रुधौली: राम कथा में गूंजे सोहर और बधाई गीत, राम जन्म की कथा सुन झूमे श्रद्धालु

बुढ़िया समय माता मंदिर में कथा के तीसरे दिन उमड़ी भीड़, नारद मोह और प्रभु के अवतार के 5 कारण जान भावुक हुए भक्त, बांटे गए खिलौने



बस्ती/रुधौली: क्षेत्र के परसा तिवारी स्थित बुढ़िया समय माता मंदिर में चल रही श्री राम कथा के तीसरे दिन शनिवार को माहौल भक्तिमय हो गया। कथा व्यास द्वारा जैसे ही भगवान श्री राम के जन्म का प्रसंग सुनाया गया, पूरा पंडाल प्रभु के जयकारों से गूंज उठा और श्रद्धालु भाव-विभोर होकर नाचने लगे।


नारद मोह और भक्ति की महिमा 

कथा के तीसरे दिन व्यास पीठ से पूज्य डॉ. विष्णुकांत शुक्ल जी ने नारद मोह और भगवान श्री राम के जन्म की कथा विस्तार से सुनाई। नारद मोह प्रसंग पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि काम, क्रोध और लोभ के कारण केवल सामान्य मनुष्य ही नहीं, बल्कि ऋषि-महात्मा भी पतन की ओर बढ़ जाते हैं। हालांकि, भगवान के प्रति नारद जी की अटूट निष्ठा और समर्पण ने उन्हें अधोगति से बचा लिया।



उन्होंने बताया कि नारद जी केवल भगवान को अपना हितैषी मानते हैं ("मोरे हित हरि सम नहीं कोई"), जबकि हम सांसारिक मोह-माया को अपना हितैषी मानकर कष्ट उठाते हैं। उन्होंने संदेश दिया कि संसार के विषयों से मन हटाकर भगवान के चरणों में अनुराग रखने से ही जीव का परम कल्याण संभव है।


प्रभु राम के अवतरण के 5 प्रमुख कारण 

डॉ. शुक्ल ने कथा के दौरान भगवान राम के मानव रूप में जन्म लेने के पांच प्रमुख कारणों का उल्लेख किया:

  1. नारद मोह एवं उनका श्राप।

  2. पृथ्वी पर पाप का बढ़ जाना।

  3. सनकादि ऋषियों द्वारा जय-विजय को दिया गया श्राप।

  4. मनु-शतरूपा की कठोर तपस्या और वरदान।

  5. राजा प्रताप भानु और अहिमर्दन को ब्राह्मणों का श्राप।


कथा व्यास ने कहा कि भगवान राम ने बाल्यावस्था से ही असुरों का नाश करना प्रारंभ कर दिया था। उनका जीवन चरित्र और मर्यादा अनंत सदियों तक प्रेरणा देती रहेगी।


खिलौने और टॉफियों की हुई बौछार 

राम जन्म के प्रसंग के दौरान उत्सव जैसा माहौल बन गया। भगवान का जन्म होते ही पुष्प वर्षा होने लगी और व्यास पीठ से बधाई गीत गाए गए। आयोजक आदर्श तिवारी व नीतीश पांडेय उर्फ मन्नू पण्डित ने टॉफियों की बौछार की और बच्चों में खिलौने व मिठाइयां बांटीं। बधाई गीत और सोहर पर श्रद्धालु जमकर थिरकते नजर आए।


ये रहे उपस्थित 

इस धार्मिक आयोजन में संजय प्रताप सिंह, शशिभूषण सिंह, पंकज पाण्डेय, अभिषेक पाण्डेय, रविन्द्र मोहन पांडेय, डॉ. अंकित चतुर्वेदी, कवि चन्द्र यादव, आशीष चौधरी, रामचन्द्र तिवारी, पूनम तिवारी, आंनद तिवारी, आकाश मिश्र, अरविंद त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।